प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी कैसे करें | How to Prepare Math for Competitive Exams in Hindi - EXAMS TIPS HINDI

Tuesday, March 31, 2020

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी कैसे करें | How to Prepare Math for Competitive Exams in Hindi

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी कैसे करें | How to Prepare Math for Competitive Exams in Hindi

इस लेख में प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले गणित विषय की तैयारी करने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिया गया है। यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित विषय की तैयारी करने के लिए टिप्स ढूंढ रहें है, तो आप सही पेज पर है। यहां पर कुछ ऐसे टिप्स है जिनकी मदद से आपकी गणित की तैयारी में बहुत मदद मिलेगी। गणित एक ऐसा विषय है जिसके लिए बहुत ही अभ्यास की जरूरत पड़ती है। जैसा कि आप जानते है लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित से प्रश्न पूछे जाते है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित विषय की तैयारी के लिए अभ्यास के साथ-साथ कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान भी रखना पड़ता है। हमनें कोशिश की है आपको ऐसे ही कुछ ख़ास टिप्स शेयर करें। 

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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी कैसे करें | How to Prepare Math for Competitive Exams in Hindi

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित की तैयारी करने के 10 महत्वपूर्ण टिप्स

1   अपना लक्ष्य निश्चित करें

सर्वप्रथम आपका फ्यूचर का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए क्योंकि आप जिस विभाग के लिए प्रतियोगी परीक्षा दे रहे है उसके अनुसार पढ़ना होगा। यदि आपको बैंक में नौकरी पाना चाहते है, तो आपको गणित में बहुत ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। बैंक की परीक्षा में गणित विषय से ज्यादा प्रश्न पूछे जाते है। इसी प्रकार यदि आप रेलवे में नौकरी ग्रुप डी में नौकरी करना चाहते है तो परीक्षा में गणित के प्रश्न कम आते है तो बैंक की परीक्षा की तुलना में प्रश्न आसान होता है। कहने का तात्पर्य यह है कि आपका Future Goal निश्चित होना चाहिए। यदि आप सोचेंगे कि थोड़ा रेलवे के लिए पढ़ लूं और थोड़ा बैंक या एसएससी की परीक्षा के लिए तो यह आपके लिए सही नहीं है। इससे आपकी तैयारी पर फ़र्क पड़ेगा।

2   टाइम टेबल बनाएं
टाइम टेबल यानी कि समय सारणी किसी भी प्रकार की पढ़ाई या परीक्षा के लिए ज़रूरी होता है। गणित के अलावा भी आपको कई सारे विषयों की तैयारी करनी होती है। इसलिए गणित के लिए एक विशेष समय सारणी बनाएं। गणित एक ऐसा विषय है जिसके लिए बहुत ज्यादा ध्यान की जरूरत नही पड़ती। इसलिए आप गणित पढ़ने का समय किसी अन्य कठिन विषय पढ़ने के बाद का रखिये। जो विषय आपको कठिन लगती है उस विषय पर ज़्यादा ध्यान दे। जब आप उस विषय को पढ़ने के बाद बोर हो जाते है तो उसके बाद गणित के सवाल लगाएँ। आपका मन हल्का हो जाएगा और दिमाग़ फ्रेश हो जाएगा।

  पाठ्यक्रम के अनुसार करें पढ़ाई

यह टिप सबसे महत्वपूर्ण है- पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करना। दोस्तों हमने आपको पहली टिप में बताया था कि अपना लक्ष्य निश्चित करना था। यदि आप अपना लक्ष्य निर्धारित करेंगे तो आपको पता रहेगा कि आपको गणित विषय मे क्या पढ़ना है। जब भी किसी विभाग में वेकैंसी निकलती है, तो उस विभाग द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है। उस आधिकारिक अधिसूचना में परीक्षा का पाठ्यक्रम दिया जाता है। आप उस पाठ्यक्रम को अपनी नोटबुक में ज़रूर लिख लें। आपको उस पाठ्यक्रम के अनुसार गणित की तैयारी करना है। परीक्षा पाठ्यक्रम में वह सभी अध्याय दिया जाता हैं।

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4   गणित को रटें नहीं
आपको इतिहास, रसायन विज्ञान इत्यादि विषयों जैसे गणित को रटना नही है। कुछ लोग होते है जो गणित के उत्तर भी रटते है। आपको गणित को समझना है। यदि आप किसी कोचिंग सेंटर को जॉइन नही किये है तो आप गणित के उदाहरण से शुरुआत करें। किसी भी गणित के अध्याय में दिये गए उदाहरण को हल करें और उसके लॉजिक को समझे। यदि आप उत्तर को रटेंगे तो गणित में कभी भी सफ़लता प्राप्त नही कर पाएंगे। आपको यदि रटना ही है तो प्रश्नों को हल करने के लॉजिक को रटें।

5   गणित के फार्मूले के बनाएं नोट्स
आप तो जानते ही होंगे गणित में सब कुछ सूत्रों (Formulas) का ही खेल है। आपको जितने ज्यादा सूत्र याद होंगे उतने ही गणित के प्रश्नों को हल करने में आसानी होगी। आप जिस अध्याय से गणित के प्रश्नों को हल करते है, उस अध्याय के सभी सूत्रों को नोटबुक के पहले पेज पर लिख ले। बहुत से ऐसे अध्याय होते है जिनमें बहुत से सूत्र होता है जैसे कि क्षेत्रमिति, त्रिकोणमिति, इत्यादि। किसी भी अध्याय के प्रश्नों को हल करने से पहले उस अध्याय के सूत्रों पर एक नज़र डालें। इससे आपको सभी सूत्र हमेशा के लिए याद हो जाएंगे।

6   शॉर्टकट्स तरीक़े को समझें
गणित के एक ही प्रश्न को हल करने के कई तरीक़े हो सकते है। क्लासरूम में पढ़ाया गया तरीका और कोचिंग सेंटर में पढ़ाया गया तरीका अलग-अलग हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर में शॉर्टकट्स तरीका बताया जाता है। मेरे कहने का मतलब यह नही है कि आप कोचिंग सेंटर जॉइन करें। कहने का तात्पर्य यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बहुत ही कम टाइम में ज़्यादा प्रश्नों को हल करना होता है। ऐसी स्थिति में यदि आप शॉर्टकट्स तरीक़े से प्रश्नों को हल नहीं करेंगे तो दिए गए समय अवधि में गणित के प्रश्न ही अधूरे रह जाएंगे। इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए शॉर्टकट्स का उपयोग करें। गणित के शॉर्टकट्स जानने के लिए आप यूट्यूब वीडियो या इंटरनेट पर भी देख सकता है।

7   कैलकुलेटर का इस्तेमाल कभी भी ना करें
कुछ नौजवान प्रतिशत, लाभ-हानि, ब्याज के प्रश्नों को हल करते समय कैलकुलेटर का इस्तेमाल करते है। आपको कैलकुलेटर कभी भी इस्तेमाल नही करना है चाहें सवाल कितना भी कठिन क्यों ना हो। आपका बुनियादी गणित (Basic Mathematics) मज़बूत होना चाहिए। पहाड़ा(Multiplication table) कम से कम 20 तक तो अच्छे से याद होना ही चाहिए। कुछ मानक आपको याद होने चाहिए जैसे √2, √3, π इत्यादि।

8   आसान अध्याय से करें शुरुआत
दोस्तों गणित को सही से समझने के लिए पहले आसान अध्याय से शुरू करना चाहिए। बेसिक पहले क्लियर करें, फिर कठिन प्रश्नों पर जाएं। गणित में भी एक अध्याय दूसरे अध्याय से लिंक रहते है। जैसे कि आप त्रिकोणमिति के प्रश्न ले लीजिए। त्रिकोणमिति के पहले अध्याय में सरल प्रश्न होते है। उसके अगले अध्याय में उससे कठिन, उसके अगले में उससे भी कठिन प्रश्न होते है। इसलिए आप आसान से कठिन अध्याय की तरफ़ बढ़े।

9    स्कूल/कॉलेज के खाली समय का करें उपयोग
स्कूल/कॉलेज हो या यूनिवर्सिटी सभी में कोई ना कोई पीरियड खाली रहता ही है। जब कोई अध्यापक क्लास लेने नही आते है तो उस खाली समय को आप गणित के प्रश्नों को हल करने में यूज़ करें। यदि कोई प्रश्न आपको नहीं आता है तो आप अपने दोस्तों से भी मदद ले सकते है। हो सकता है उनके पास कोई हल हो या शॉर्टकट तरीका हो।

10  अंत में याद रखें "Practice Makes Man Perfect"
दोस्तों अंत में एक बात हमेशा याद रखना कि गणित विषय की आप जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे उतना ही आपका गणित मज़बूत होगा। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। सफलता अंततः उन्ही का वरण करती है जिनके अंदर साहस कूट-कूट कर भरा होता है।
"जो सफ़र इख्तियार करते हैं,
वही मंजिलों को पार करते हैं,
एक बार चलने का हौसला तो रखिये,
ऐसे मुसाफिरों का रास्ते भी इंतजार करते है।"
उम्मीद है यह लेख आपको पसंद आया होगा। यदि आपके पास किसी प्रकार का प्रश्न है तो नीचे👇कमेंट में पूछ सकते है।

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