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राजस्थान का भूगोल सामान्य ज्ञान | Rajasthan Geography GK in Hindi

राजस्थान का भूगोल सामान्य ज्ञान | Rajasthan Geography GK in Hindi 

नमस्कार दोस्तों, Exams Tips Hindi शिक्षात्मक वेबसाइट में आपका स्वागत है। इस आर्टिकल में राजस्थान के भूगोल से संबंधित सामान्य ज्ञान (Rajasthan Geography GK) दिया गया है। इस आर्टिकल में राजस्थान के भूगोल से संबंधित जानकारी का समावेश है जो अक्सर परीक्षा में पूछे जाते है। यह लेख राजस्थान पुलिस, पटवारी, राजस्थान प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।


राजस्थान का भूगोल सामान्य ज्ञान, Rajasthan Geography GK in Hindi
राजस्थान का भूगोल सामान्य ज्ञान | Rajasthan Geography GK in Hindi

➤ भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित राजस्थान देश का सीमावर्ती राज्य था जिसकी पश्चिमी सीमा पाकिस्तान से लगती है।

➤ कर्क रेखा राजस्थान के दक्षिणी भाग में स्थित बाँसवाड़ा नगर के समीप से गुजरती है।

➤ राजस्थान का क्षेत्रफल देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 10.41% है।

➤ राजस्थान राज्य की पाकिस्तान के साथ अन्तरराष्ट्रीय सीमा को रेडक्लिफ सीमा के रूप में जाना जाता है।

➤ इस सीमा के सहारे राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों का विस्तार है।

➤ पाकिस्तान के साथ सबसे लम्बी सीमा राज्य के जैसलमेर जिले की है।

➤ राजस्थान की सबसे छोटी अन्तर्राज्यीय सीमा पंजाब राज्य के साथ 89 किमी की है तथा सबसे लम्बी अन्तर्राज्यीय सीमा मध्य प्रदेश के साथ है, जो लगभग 1,600 किमी लम्बी है।

➤ राजस्थान की प्राकृतिक संरचना असमान है। यहाँ पहाड़ी, मैदानी और मरुस्थलीय आदि विभिन्न प्रकार के भू-क्षेत्र पाये जाते हैं।

➤ इसकी प्राकृतिक संरचना में अरावली पर्वत का महत्त्वपूर्ण स्थान है, जो संसार का प्राचीनतम पर्वत माना गया है।

➤ अरावली पर्वत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में थार मरुस्थल है जो बालुका स्तूपों की दृष्टि से देश का अद्वितीय क्षेत्र है।


राजस्थान का भौगोलिक प्रदेश


➤ विद्यमान भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर राजस्थान को निम्न भू-आकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है-

  • उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश
  • मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश
  • पूर्वी मैदानी प्रदेश
  • दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश (हाड़ौती पठार)

उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश


➤ इसे थार मरुस्थल भी कहते हैं। इसका कुल क्षेत्रफल 1,75,000 वर्ग किमी है। यह राजस्थान के सम्पूर्ण क्षेत्रफल का 62% है जहाँ राजस्थान की कुल जनसंख्या का 40% भाग निवास करता है।

➤ थार मरुस्थल में जालौर, सीकर, पाली, सिरोही एवं जयपुर तथा अजमेर अर्द्धमरुस्थलीय भाग में स्थित हैं।

➤ इसी मरुस्थलीय भाग में भारत का परमाणु परीक्षण स्थल 'पोखरण' स्थित है।

➤ राजस्थान का यह रेतीला प्रदेश प्रायः सभी स्थानों पर स्थानान्तरित बालुका स्तूपों द्वारा आच्छादित है, जिन्हें यहाँ ध्रियाँ (Dhrian) कहते हैं। ये सभी पवन की दिशाओं के समानान्तर होते हैं।

➤ वर्षा का वार्षिक औसत 15 सेमी से 20 सेमी है।

➤ कांटेदार मरुस्थलीय वनस्पति पौधे जीरोफाइट्स कहलाते हैं।

➤ थार का मरुस्थल उत्तरी भारत के विशाल मैदान का पश्चिमी भाग है।

➤ घग्घर नदी को मृत नदी कहा जाता है।

➤ राजस्थान में मरुस्थल का प्रवेश द्वार जोधपुर है।

➤ राजस्थान का यह क्षेत्र अत्यन्त शुष्क और गर्म है।

➤ थार की रेतीली लवण युक्त मिट्टी को स्थानीय भाषा में मगरा या थारा कहते हैं।

➤ श्रीगंगानगर जिला राजस्थान का अन्न भण्डार है


मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश


➤ राजस्थान का यह पहाड़ी क्षेत्र राज्य के लगभग 10% भाग में दक्षिण से उत्तर-पूर्व तक गुजरात राज्य के पालनपुर कस्बे से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ है।

➤ इस क्षेत्र में राजस्थान का लगभग 9% भाग है जबकि जनसंख्या का 17% भाग आता है।

➤ इस प्रदेश से लूणी, माही, बनास, खारी, कोठारी, बाणगंगा, बेचड़, एवं जोजरी नदियाँ निकलती हैं।

➤ इस प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी 'गुरु शिखर' (1,722 मी) है।

➤ इस प्रदेश में राजस्थान राज्य का एकमात्र ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल आबू पर्वत है जो सिरोही जिले में है।

➤ अरावली पर्वत जल विभाजक का कार्य करता है। यह सिन्धु नदी बेसिन व गंगा नदी बेसिन के मध्य स्थित है।

➤ उदयपुर नगर तश्तरीनुमा बेसिन पर बसा हुआ है।

➤ दक्षिणी अरावली पर्वत झीलों के लिए प्रसिद्ध है।

➤ वार्षिक वर्षा 80 सेमी से 150 सेमी है।


चोटी

ऊँचाई (मीटर में)

गुरु शिखर

1,722

सेर

1,597

दिलवाड़ा

1,442

जरगा

1,431

अचलगढ़

1,380

कुम्बलगढ़

1,224

रघुनाथगढ़

1,005

कमलनाथ

1,001

खो

920

तारागढ

873

बाबई

792

बैराठ

704


पूर्वी मैदानी प्रदेश


➤ राजस्थान का यह मैदानी भाग अरावली पर्वत शृंखला के

➤ उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व में विस्तृत है।

➤ वार्षिक वर्षा औसतन 40 सेमी से 80 सेमी है।

➤ इस क्षेत्रफल में लगभग 24% तथा राज्य की लगभग 40% जनसंख्या निवास करती है।

➤ इस मैदानी भाग को तीन प्रदेशों में बाँटा जा सकता है-

  • चंबल बेसिन- कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर और धौलपुर।
  • बनास बेसिन- चित्तौड़, राजसमन्द, उदयपुर, भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर।
  • माही बेसिन- उदयपुर का दक्षिणी-पूर्वी भाग जिसमें बाँसवाड़ा व दक्षिणी चित्तौड़गढ़ जिले आते हैं।

➤ चंबल की बीहड़ भूमि को खादर कहते हैं जबकि ऊबड़-खाबड़ भूमि को 'डांग' कहते हैं जोकि डाकुओं का आश्रय स्थल है।

➤ डूंगरपुर और बाँसवाड़ा जिलों में विस्तृत मैदानी भाग को छप्पन का मैदान कहते हैं।


दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश


➤ यह प्रदेश राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में स्थित है, जिसे हाड़ौती का पठार कहते हैं। इसकी ऊँचाई समुद्र तल से 380 मीटर है।

➤ ये भाग वस्तुतः विन्ध्याचल पर्वत के ऊँचे उठे हुए मुड़े भाग हैं।

➤ इस प्रदेश के ऊपर की भूमि नर्म व नीचे की भूमि चट्टानी है।

➤ चंबल, बनास, कालीसिन्ध, पार्वती, परवान तथा बाणगंगा इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ हैं।

➤ इन नदियों की घाटियों में काली, काली-लाल मिश्रण तथा लाल-भूरी मिश्रण वाली मिट्टियाँ मिलती है।

➤ इन घाटियों में चावल, गेहूँ, तिलहन, मक्का, ज्वार, मूंगफली आदि प्रमुख फसलें उत्पन्न होती हैं।

➤ इस प्रदेश के तहत राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 9% भाग जबकि कुल जनसंख्या का 12% भाग निवास करता है।

➤ दक्षिण-पूर्वी पठारी प्रदेश अरावली और विन्ध्याचल पर्वत के बीच संक्रान्ति प्रदेश है।


उम्मीद है यह 'राजस्थान के भूगोल' सामान्य ज्ञान लेख आपको पसंद आया होगा। इस आर्टिकल से आपको राजस्थान gk, राजस्थान GK इन हिंदी, Rajasthan General Knowledge in Hindi, Rajasthan Samanya Gyan, Rajasthan Geography GK, राजस्थान सामान्य ज्ञान हिंदी इत्यादि की जानकारी मिलेगी। यदि आपके पास कोई प्रश्न या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

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