Header Ads Widget

राजस्थान की नदियाँ सामान्य ज्ञान | Rajasthan Rivers GK in Hindi

राजस्थान की नदियाँ सामान्य ज्ञान | Rajasthan Rivers GK in Hindi

नमस्कार दोस्तों, Exams Tips Hindi शिक्षात्मक वेबसाइट में आपका स्वागत है। इस आर्टिकल में राजस्थान की नदियों से संबंधित सामान्य ज्ञान (Rajasthan Rivers GK) दिया गया है। यहां पर राजस्थान की नदियों से संबंधित जानकारी का समावेश है जो अक्सर परीक्षा में पूछे जाते है। यह लेख राजस्थान पुलिस, पटवारी, राजस्थान प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।


राजस्थान की नदियाँ सामान्य ज्ञान, Rajasthan Rivers GK in Hindi
राजस्थान की नदियाँ सामान्य ज्ञान | Rajasthan Rivers GK in Hindi

➤ राजस्थान में देश के जल का मात्र 1% ही उपलब्ध है।

➤ राजस्थान के समस्त जल ग्रहण क्षेत्र का अरब सागर, बंगाल की खाड़ी एवं आन्तरिक प्रवाह प्रणाली में क्रमशः 35%, 53% और 13% भाग आता है तथा प्रवाह क्षेत्र का 16%, 24% एवं 58% भू-भाग आता है।

➤ राजस्थान की प्रमुख नदियों का वर्गीकरण इस प्रकार किया जा सकता है।

  • अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ-माही, सोम, साबरमती, जाखम
  • बंगाल की खाड़ी तक जाने वाली नदियाँ-चंबल, बनास, कोठारी, पार्वती, काली सिन्ध, बाणगंगा आदि
  • आन्तरिक जल प्रवाह की नदियाँ-कान्तली, घग्घर, साबी, काकनेण, मन्था, लूणी

➤ राज्य की नदियों का अधिकांश जलग्रहण क्षेत्र अरावली पर्वत माना जाता है।

➤ राज्य में चंबल और माही बारहों महीने बहने वाली नदियाँ हैं।

➤ राज्य में सबसे अधिक सतही जल चंबल नदी में उपलब्ध है।

➤ चंबल नदी पर भैसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) के समीप प्रसिद्ध चुलिया प्रपात है।

➤ चंबल नदी राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच (सवाई माधोपुर, करौली व धौलपुर) 241 किमी लम्बी सीमा बनाती है।

➤ चंबल नदी के अन्य नाम चर्मवती व कामधेनु भी हैं।

➤ चंबल नदी भारत की एकमात्र नदी है जो दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है।

➤ राजस्थान के चुरु और बीकानेर में कोई नदी नहीं है।

➤ राजस्थान में सिर्फ दो ही नदियाँ संगम बनाती हैं - बनास व माही।

➤ बनास नदी को राजस्थान में 'वन की आशा' नदी के नाम से जाना जाता है।

➤ राजस्थान में बीगोद और मण्डलगढ़ के बीच बनास, बेड़च और मेनाल नदियों का संगम स्थल है जिसे त्रिवेणी कहते हैं।

➤ माही, सोम व जाखम वेणेश्वर (डूंगरपुर) में मिलकर त्रिवेणी बनाती हैं जो आदिवासियों का प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ है।

➤ हिमालय पर्वत श्रृंखला से निकलने वाली राजस्थान की एकमात्र नदी घग्घर है।

➤ राज्य के कोटा सम्भाग में सबसे अधिक नदियाँ मिलती हैं।

➤ राज्य के चित्तौड़गढ़ जिले में बहने वाली नदियों की संख्या सबसे अधिक है।

➤ लूणी नदी अरावली पर्वतमाला के पश्चिम से बहने वाली महत्त्वपूर्ण नदी है।

➤ गन्धेली साहब परियोजना चुरु जिले की पेयजल समस्या के समाधान हेतु तैयार की जा रही है।


राज्य की नदियों के तट पर बसे नगर


जिला

नदी

भीलवाड़ा

कोठारी

सुमेरपुर

जवाई

पाली

बांडी

शिवगंज

जवाई

टोंक

बनास

विजयनगर

खारी

हनुमानगढ़

घग्घर

गुलाबपुरा

खारी

नाथद्वारा

बनास

बालोतरा

लूणी

सूरतगढ़

घग्घर

जालौर

कालीसिंध

अनूपगढ़

बनास

झालावाड़

चम्बल


प्रमुख नदियाँ व उनकी सहायक नदियाँ


नदी

सहायक नदियाँ

चंबल

काली सिन्ध, पार्वती, बामनी, मेज व बनास

लूणी

जवाई, सूकड़ी, लीलड़ी, जोजरी, मीठड़ी, सागी

बनास

बेड़च, कोठारी, खारी, मेनाल, बांड़ी, माशी, धून्ध, मोरेल

माही

सोम, जाखम, अन्नास, एराव

साबरमती

बाकल, मेश्वा, वेतरक, हथमती व माजम

मेज नदी

बाजन, माँगली, कुराल

काली सिन्ध

आहू, परवन व उजाड़


प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थल


नदी

उद्गम स्थल

चंबल

जनापाव पहाड़ी महु (म. प्र.)

बनास

खमनौर की पहाड़ियाँ, कुम्भलगढ़ (उदयपुर)

बेइच

गोगुन्दा की पहाड़ी (उदयपुर)

लूनी

नाग पहाड़ (अजमेर)

माही

मालवा का पठार, (म.प्र.)

पार्वती

विन्ध्याचल पर्वत श्रृंखला (म. प्र.)

घाघर

कालिका के पास हिमालय पर्वत श्रृंखला

साबरमती

अरावली पर्वत श्रृंखला (उदयपुर)

बाणगंगा

विराठ नगर (बैराठ) की पहाड़ियाँ (जयपुर)

जाखम

छोटी सादड़ी (पाली)

सोम

बीधामेड़ा (उदयपुर)

कली सिंध

देवास (मप्र)

मंथा

मनोहरपुरा (जयपुर)

खारी

देवगढ़ (उदयपुर) के निकट बिजराल गाँव

कोठारी

ढिबरे (उदयपुर)

पश्चिम बनास

अरावली की पहाड़ियाँ (उदयपुर)

साबी/साहबी

शाहपुर (जयपुर) के निकट सेवड़ पहाड़ियाँ

जवाई

आबू पर्वत (सिरोही)

जोजरी

नागौर जिले के दक्षिण भाग

लीलडी

अरावली की पहाड़ियाँ (सोजत नगर)

बांडी

फुलाद (अरावली के पश्चिम से)


राजस्थान की नदियाँ (जिलेवार)


ज़िला

नदियां

अजमेर

सागरमती, सरस्वती, लूणी, खारी, डाई और बनास।

नागौर

लूणी और हरसोर।


टोंक

बनास, मासी, बांडी और सोहदरा।

भीलवाड़ा

बनास, बेड़च, कोठारी, मानसी, खारी, मैनाली और चन्द्रभागा।

जोधपुर

लूणी, मीठड़ी, जोजरी और गुणाई माता।

जालौर

लूणी, बांडी, जवाई, खारी और सागी।

सिरोही

पश्चिमी बनास, सूकड़ी, खारी, जवाई, सूकली, कपालगंगा, कृष्णवती और बांडी।

बाड़मेर

सूकड़ी, लूणी और मीठड़ी।

जैसलमेर

काकनेय, लाठी और धोगड़ी।

पाली

लीलड़ी, सूकड़ी, जवाई और बांडी।

उदयपुर

बेड़च, वाकल, सोम, जाखम, साबरमती, गौमती और कोठारी।

राजसमंद

बनास और चन्द्रभागा।

डूंगरपुर

सोम, जाखम और माही।

बाँसवाड़ा

माही, अन्नास और चैनी।

चितौड़गढ़

चम्बल, बनास, बेड़च, बामणी, गंभीरी, गंजली, औराई और जाखम।

कोटा

चम्बल, काली सिन्ध, पार्वती, आहू परवन, निवाज और अंधेरी।

बाराँ

परबन और पार्वती।

झालावाड़

काली सिन्ध, आहू, निवाज, पिपलाज, चन्द्रभागा, परबन, अंधेरी, क्यासरी और घोड़ा पछाड़।

सवाईमाधोपुर

चम्बल, बनास, मोरेल और गंभीर।

बूँदी

कुराल, घोड़ा पछाड़, चम्बल, मेज और मंगली।

जयपुर

बाणगंगा, बांडी, ढूंढ, मोरेल, साबी, डाई और मासी।

भरतपुर

बाणगंगा, गंभीर काकुंड, रूपारेल और पार्वती।

धौलपुर

चम्बल, गंभीर और पार्वती।

अलवर

साबी, रूपारेल, सोटा, चूहड़ और सिंध।

दौसा

मोरेल और बाणगंगा।

सीकर

कांटली, मन्था, साबी, कृष्णावती और सोटा।

झुंझुनूं

कांटली

श्रीगंगानगर

घग्घर

हनुमानगढ़

घग्घर

प्रतापगढ़

माही और एराव।

करौली

करौली चंबल, गंभीर, अटा, मांची, बेसावट, बरखेड़ा,

बद्रावती एवं जगर।


नोट👉बीकानेर एवं चुरु जिले में कोई नदी नहीं है।


राजस्थान की झीलें


खारे पानी की झीलें- साँभर, पचपदरा, डीडवाना, फलौदी, कावोद, लूणकरणसर, सागर, कछेर व तालछापर।


मीठे पानी की झीलें- जयसमन्द, राजसमन्द, पिछोला, आनासागर, फतेह सागर, उदयसागर, उमेदसागर, फॉयसागर, गैवसागर, सिलीसेढ़, कोलायत, पुष्कर, बाल समन्द, नक्की व नवलखा आदि।


➤ साँभर भारत की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है जिसमें मेढ़ा, रूपनगढ़, खारी खण्डेला नदियाँ आकर गिरती हैं।

➤ यह झील जयपुर की फुलेरा तहसील में स्थित है।

➤ यहाँ वार्षिक वर्षा 50 सेमी है।

➤ डीडवाना झील नागौर के डीडवाना नगर में है।

➤ यहाँ उत्पादित नमक खाने लायक नहीं है।

➤ जयसमन्द झील राजस्थान की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।

➤ जयसमन्द झील उदयपुर में स्थित है।

➤ राणा जयसिंह ने सन् 1685 से 1691 ई. में गोमती नदी पर बाँध बनाकर जयसमन्द झील को वर्तमान रूप दिया था।

➤ जयसमन्द झील को ढेबर झील भी कहते हैं।

➤ जयसमन्द झील के बीच छोटे-बड़े सात टापू हैं जिन पर भील व मीणा जाति के लोग पाये जाते हैं।

➤ राजसमन्द झील का निर्माण महाराणा राजसिंह ने 1662 ई. में कांकरोली रेलवे स्टेशन के निकट करवाया था।

➤ इस झील में गोमती नदी आकर गिरती है।

➤ पिछोला झील उदयपुर के पिछोला ग्राम में स्थित है।

➤ इस झील के तीन भाग हैं जिन्हें पिछोला, स्वरूपसागर और फतेहसागर कहते हैं।

➤ इसी झील के टापुओं पर जग मन्दिर महल व जग निवास महल हैं।

➤ वर्तमान में जग मन्दिर महल को पाँच सितारा होटल में बदल दिया गया है जिसे लेक पैलेस कहते हैं।

➤ आनासागर झील अजमेर में स्थित है।

➤ इस झील पर शाहजहाँ ने संगमरमर के बारह दरवाजे बनवाये थे, जिसे बारादरी कहते हैं।

➤ पुष्कर झील अजमेर से 11 किमी दूर पुष्कर में स्थित है। भारत का एकमात्र ब्रह्मा जी का मन्दिर पुष्कर में स्थित है।

➤ नक्की झील माउण्ट आबू पर्वत पर स्थित है।

➤ यह राजस्थान की सबसे गहरी झील है।

➤ फाईसागर प्राकृतिक झील है और अजमेर में स्थित है।


राजस्थान के मुख्य तालाब


तालाब

जिला

हेमावास

पाली

दांतीवाड़ा

पाली

खरड़ा

पाली

मुथाना

पाली

सरेरी

भीलवाड़ा

खारी

भीलवाड़ा

मेजा

भीलवाड़ा

वानकिया

चित्तौड़गढ़

मुरलिया

चित्तौड़गढ़

सेनापानी

चित्तौड़गढ़

बागोलिया

उदयपुर

कीर्तिमोरी

बूँदी

वरडा

बूँदी

हिण्डोली

बूँदी

पार्वती

धौलपुर

बारेठा

भरतपुर

गडीसर

जैसलमेर

एडवर्ड सागर

डूंगरपुर


उम्मीद है यह 'राजस्थान की नदियां' सामान्य ज्ञान लेख आपको पसंद आया होगा। इस आर्टिकल से आपको राजस्थान gk, राजस्थान GK इन हिंदी, Rajasthan General Knowledge in Hindi, Rajasthan Rivers related information, Rajasthan Samanya Gyan, Rajasthan Rivers GK, राजस्थान सामान्य ज्ञान हिंदी इत्यादि की जानकारी मिलेगी। यदि आपके पास कोई प्रश्न या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

Post a comment

0 Comments