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राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन | Rajasthan's Industries and Energy Resources

राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन | Rajasthan's Industries and Energy Resources

नमस्कार दोस्तों, Exams Tips Hindi शिक्षात्मक वेबसाइट में आपका स्वागत है। इस आर्टिकल में राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन से संबंधित सामान्य ज्ञान (Rajasthan's Industries and Energy Resources GK) दिया गया है। इस आर्टिकल में राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन से संबंधित जानकारी का समावेश है जो अक्सर परीक्षा में पूछे जाते है। यह लेख राजस्थान पुलिस, पटवारी, राजस्थान प्रशासनिक सेवा, बिजली विभाग इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।


राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन, Rajasthan's Industries and Energy Resources
राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन | Rajasthan's Industries and Energy Resources

➤ वर्तमान में उद्यमियों को आदान तथा अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए 34 जिला उद्योग केंद्र एवं 7 उप केंद्र कार्यरत हैं।

➤ वर्ष 2011-12 में दिसंबर, 2011 तक रीको द्वारा 1,520.88 एकड़ भूमि अवाप्त की गई है और 454.66 एकड़ भूमि विकसित की गई है।

➤ राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम लिमिटेड (रीको), राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने वाली शीर्ष संस्था है।

➤ राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रीको द्वारा कोटा, जोधपुर, गंगानगर और अलवर में 4 एग्रो फूड पार्क विकसित किए गए हैं।

➤ रीको द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर की जापानी संस्था 'जेट्रो' के साथ एक मसौदा-पत्रों (एम.ओ.यू.) भी हस्ताक्षरित किया गया है, जिसमें राजस्थान के नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र, अलवर में विभिन्न औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी।

➤ धौलपुर व करौली में स्टोन पार्क, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र,

➤ जयपुर में बायो-टेक्नोलॉजी पार्क और जयपुर, जोधपुर, कोटा व उदयपुर में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क की स्थापना भी की जा रही है।

➤ इसके अतिरिक्त कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाएँ जैसे- होण्डा सिएल कार, महिन्द्रा ग्रुप सेज, सेंट गोबेन ग्रुप भी प्रगति पर हैं।

➤ वर्तमान में राज्य में 6 विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) हैं।

➤ राजस्थान वित्त निगम की स्थापना राज्य वित्तीय निगम अधिनियम 1951 के अंतर्गत वर्ष 1955 में हुई।

➤ राजस्थान वित निगम द्वारा वर्ष 2011-12 में दिसंबर, 2011 तक ₹ 208.59 करोड़ के ऋणों की स्वीकृतियाँ जारी की गई हैं।

➤ लघु औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों के विक्रय के क्रम में वर्ष 2011-12 में दिसंबर, 2011 तक 1768.97 लाख की हस्तशिल्प वस्तुओं का विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से विक्रय किया गया।

➤ खादी एवं ग्रामोद्योग के अंतर्गत वर्ष 2011-12 में दिसंबर, 2011 तक 18.37 करोड़ खादी का एवं 191.89 करोड़ का ग्रामोद्योग में उत्पादन हुआ है।

➤ ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण (रूड़ा) द्वारा ग्रामीण गैर कृषि (फार्म) क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु चमड़ा, ऊन वस्त्र, स्टोन सैरेमिक, पोटरी, हस्तशिल्प, हथकरघा व खादी व ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कार्य कर रहा है।

➤ संगमरमर की मूर्तियों के लिए जयपुर प्रसिद्ध है।

➤ बीकानेर कैमल हाइड व मथैरणा कला के लिए प्रसिद्ध है।

➤ पिछवाई चित्रण के लिए नाथद्वारा (राजसमन्द) व फड़ चित्रण के लिए शाहपुरा (भीलवाड़ा) प्रसिद्ध है।

➤ ब्लू पॉटरी के लिए कृपाल सिंह शेखावत तथा मीनाकारी के काम के लिए कुदरत सिंह प्रसिद्ध हैं।

➤ प्रदेश की बीकानेर, ब्यावर और जोधपुर की ऊनी मण्डियों से पूरे देश में ऊन सप्लाई की जाती है।

➤ गलीचा उद्योग के लिए जयपुर, अलवर, टोंक, जोधपुर, बीकानेर व जैसलमेर प्रसिद्ध हैं।

➤ जयपुर व अलवर में पीतल पर चित्रकारी की जाती है व पीतल के बर्तन बनते हैं।

➤ राज खेड़ा पंचायत समिति (धौलपुर) लूड़िया हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है।

➤ राज्य में सर्वाधिक सीमेन्ट के कारखाने जैसलमेर में हैं।

➤ संगमरमर की सबसे अधिक प्रोसेसिंग इकाइयाँ राजसमन्द व ग्रेनाइट की जालौर जिलों में हैं।

➤ उदयपुर में कीटनाशी बनाने का सबसे बड़ा कारखाना है।

➤ जयपुर में सर्वाधिक तथा जैसलमेर में सबसे कम फैक्ट्रियां हैं।

➤ वृहत उद्योगों की सबसे अधिक फैक्ट्रियाँ अलवर जिले में हैं।

➤ राज्य का एकमात्र स्टॉक एक्सचेंज जयपुर में है।

➤ टांकला (नागौर) तथा सालवास (जोधपुर) का दरियों के निर्माण में प्रसिद्ध स्थान है।

➤ राज्य के जयपुर में गोटे का काम तथा खण्डेला में बाटिक का काम होता है।

➤ राजस्थान लघु उद्योग निगम, लघु औद्योगिक एवं हस्तशिल्प इकाइयों को प्रोत्साहन व सहायता प्रदान करने का कार्य कर रहा है।

➤ राज्य में तेल एवं प्राकृतिक गैस के दोहन तथा विकास के लिए पेट्रोलियम निदेशालय की स्थापना की गई है।

➤ अब तक कुल 25 तेल क्षेत्रों में 480 मिलियन टन तेल के भंडारों का अनुमान किया गया है।


राजस्थान में सीमेंट कारखाने 


नाम

स्थान

ए.सी.सी. सीमेंट

लाखेरी (बूंदी)

जयपुर उद्योग लिमिटेड (बीमार इकाई)

सवाई माधोपुर

जे.के. सीमेंट

निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़)

चित्तौड़ सीमेंट वर्क्स

चित्तौड़गढ़

बिरला सीमेंट वर्क्स

चित्तौड़गढ़

जे.के. उदयपुर उद्योग

बजाजनगर (उदयपुर)

मंगलम सीमेंट लिमिटेड

मोडक (कोटा)

लक्ष्मी सीमेंट लिमिटेड

बनारस (सिरोही)

श्री सीमेंट लिमिटेड

ब्यावर (अजमेर)

श्रीराम सीमेंट लिमिटेड

कोटा

आदित्य सीमेंट लिमिटेड

शंभुपुरा (चित्तौड़गढ़)

बिनानी सीमेंट लिमिटेड

पिंडवाड़ा (सिरोही)

डी.एल.एफ. सीमेंट

रास (पाली)

जे.के. हाइट सीमेंट

गोटन (नागौर)

बिड़ला सफेद सीमेंट

जयपुर

मैं इंडियन रेयन

खारियाखंगार (जोधपुर)


प्रमुख उद्योगों से जुड़े स्थल


उद्योग

स्थल

संगमरमर उद्योग

राजसमन्द, उदयपुर, मकराना, बाँसवाड़ा, किशनगढ़, आबूरोड़, चित्तौड़गढ़, जयपुर, अलवर, पाली, डूंगरपुर

सूती वस्त्र उद्योग

भीलवाड़ा, उदयपुर, अलवर, अजमेर, बाँसवाड़ा, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जयपुर, पाली, कोटा, सिरोही, ब्यावर, गुलाबपुरा, ऋषभदेव, डूंगरपुर

नमक उद्योग

साँभर, पचपदरा, डीडवाना

ऊन उद्योग

बीकानेर, जोधपुर, ब्यावर, भीलवाड़ा, सीकर, केकड़ी व पाली, लाडनूं तथा चुरु

कांच उद्योग

धौलपुर, जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर

वनस्पति घी उद्योग

भीलवाड़ा, जयपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, श्रीगंगानगर, अलवर, निवाई, खैरथल, गंगापुर सिटी, अजमेर, दौसा, बीकानेर

जस्ता उद्योग

देबारी (उदयपुर), चन्देरिया (चित्तौड़गढ़)

ग्रेनाइट उद्योग

जालौर, पाली, बाड़मेर, सिरोही

फॉस्फेट उर्वरक उद्योग

उदयपुर, कोटा, खेतड़ी

यूरिया उर्वरक उद्योग

कोटा, गडेपान, उदयपुर, श्रीगंगानगर

कीटनाशी रसायन

उदयपुर, कोटा, जयपुर, श्रीगंगानगर

रसायन उद्योग उद्योग

अलवर, देबारी, चंदेरिया, कोटा, उदयपुर व श्रीगंगानगर

सिरेमिक उद्योग

बीकानेर, अजमेर, जयपुर, कोटा, आबूरोड़

इन्जीनियरिंग उद्योग

जयपुर, सिरोही, चित्तौड़, सोजत व दीगोद

कत्था, गोंद एवं लाख उद्योग

कोटा, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर, सवाई माधोपुर व अलवर

दियासलाई उद्योग

अजमेर, नसीराबाद, पाली, फालना और अलवर

कागज उद्योग

घोसूण्डा, उदयपुर, बाँसवाड़ा, कोटा व अजमेर

बीड़ी उद्योग

टोंक, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर व कोटा

गुड़ व खाण्डसारी उद्योग

बूंदी, श्रीगंगानगर, कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा

बँधाई, छपाई एवं रंगाई उद्योग

रँगाई-पाली व बालोतरा, बँधाई-जोधपुर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, कुचामन और नागौर तथा छपाई-जयपुर, जोधपुर, बाड़मेर, भरतपुर व चित्तौड़गढ़

आटा उद्योग

जयपुर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, अलवर, सवाई माधोपुर, कोटा, टोंक, भीलवाड़ा व बूंदी

चावल उद्योग

बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, कोटा, बूंदी, श्रीगंगानगर, बारां,  लावाड़, भरतपुर

व सवाई माधोपुर

दाल उद्योग

बीकानेर, जोधपुर, जोधपुर, उदयपुर, उदयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, पाली, भरतपुर व अलवर


राजस्थान में ऊर्जा के संसाधन


➤ राजस्थान राज्य विद्युत् मण्डल (RSEB) विद्युत् के उत्पादन, संवाहन एवं वितरण हेतु राज्य की प्रमुख संस्था है।

➤ राजस्थान राज्य विद्युत् मण्डल का गठन वर्ष 1957 में हुआ था।

➤ प्रति व्यक्ति बिजली के उपभोग की दृष्टि से राजस्थान का स्थान ग्यारहवाँ (11) है।

➤ राजस्थान में अपरम्परागत ऊर्जा स्रोतों के विकास कार्य के लिए 1985 ई. में जयपुर में राजस्थान ऊर्जा विकास एजेन्सी' की स्थापना की गई थी।

➤ राज्य में स्वयं की उत्पादन क्षमता 38% है, शेष 62% ऊर्जा अन्य राज्यों व केंद्र सरकार से प्राप्त होती है।

➤ राज्य के आठ जिलों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। ये जिले हैं—अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, भीलवाड़ा, जोधपुर, पाली, राजसमन्द, सिरोही।

➤ कुटीर ज्योति योजना 1988-89 ई. में आरम्भ हुई थी। इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे निवास करने वाले परिवारों को एक प्वाइन्ट का घरेलू कनेक्शन दिया जाता है।

➤ राज्य में सर्वाधिक सौर पथ प्रकाश संयन्त्र जैसलमेर जिले में तथा सर्वाधिक बायोगैस संयन्त्र उदयपुर जिले में हैं।

➤ राज्य में स्वर्ण नगरी जैसलमेर के पास अमर सागर बड़ागाँव में राज्य की व उत्तर भारत की प्रथम पवन ऊर्जा ➤ इकाई वर्ष 1999 से विद्युत् उत्पादन करने लगी।

➤ रामगढ़ गैस तापीय विद्युत् गृह को गमनेवाला स्थित गैस एकत्र भवन से गैस सप्लाई की जाती है।

➤ राज्य में चंबल व माही नदियाँ जल उत्पादन के प्रमुख स्रोत हैं।

➤ राजस्थान में प्रथम खनिज तेल कुआँ ऑयल इण्डिया ने वर्ष 1983 में जैसलमेर में तानपोट के समीप खोदा था।

➤ राज्य में गैस के भण्डार जैसलमेर जिले के घोटारू व डांडेवाला नामक स्थान पर मिले हैं।

➤ राज्य में विद्युत उत्पादन के प्रमुख स्रोत कोटा व सूरतगढ़ तापीय संयंत्र, धौलपुर गैस तापीय संयंत्र, माही पन ➤ विद्युत, बायोमास, विंड फॉस, कैप्टिव तापीय संयंत्र, भाखड़ा, व्यास, चंबल व सतपुड़ा अंतर्राज्यीय भागीदारी ➤ परियोजनाएँ हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान परमाणु ऊर्जा संयंत्र- सिंगरौली, रिहंद, दादरी, अंता, ओरैया, दादरी गैस संयंत्र, ऊँचाहार थर्मल और टनकपुर, सलाल, चमेरा व उरी जलविद्युत केंद्रीय परियोजनाओं से राज्य को ऊर्जा उपलब्ध होती है।

➤ राज्य की विद्युत अधिष्ठापित क्षमता दिसंबर, 2011 को

➤ 9,830.68 मेगावाट थी। इस अधिष्ठापित क्षमता में वर्ष

➤ 2011-12 के दौरान माह दिसंबर, 2011 तक 642.46 मेगावाट की वृद्धि हुई है।

➤ ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत दिसंबर 2011 तक 39,496 गाँवों को विद्युतीकृत एवं 10.50 लाख कुओं को ऊर्जीकृत किया गया है।

➤ राज्य में पवन ऊर्जा से 5,400 मेगावाट तक सकल उत्पादन की क्षमता अनुमानित की गई है।


उम्मीद है यह 'राजस्थान के उद्योग और ऊर्जा संसाधन' सामान्य ज्ञान लेख आपको पसंद आया होगा। इस आर्टिकल से आपको राजस्थान gk, राजस्थान GK इन हिंदी, Rajasthan General Knowledge in Hindi, Rajasthan Samanya Gyan, Rajasthan Industries and Energy Resources GK, राजस्थान सामान्य ज्ञान हिंदी इत्यादि की जानकारी मिलेगी। यदि आपके पास कोई प्रश्न या सुझाव है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।

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